नए साहित्य का सौंदर्य शास्त्र (Naye Sahitya Ka Saundarya Shastra) - Gyan Books
नए साहित्य का सौंदर्य शास्त्र (Naye Sahitya Ka Saundarya Shastra) - Gyan Books
किताब के बारे में: नए साहित्य का सौंदर्य शास्त्र गजानन माधव मुक्तिबोध का महत्त्वपूर्ण निबंध संग्रह है जिसमें उन्होंने आधुनिक हिंदी साहित्य की सौंदर्य दृष्टि विचारधारा और सामाजिक सरोकारों का विश्लेषण किया है। मुक्तिबोध ने पारंपरिक सौंदर्यशास्त्र की सीमाओं को चुनौती दी और साहित्य को केवल सौंदर्य के लिए नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम माना। वे मानते हैं कि नए साहित्य का सौंदर्य यथार्थ आत्मसंघर्ष और विचार की जटिलता में निहित है। इस कृति में उन्होंने लेखन के उद्देश्य लेखक की भूमिका और रचनात्मक चेतना की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। यह पुस्तक प्रगतिशील आलोचना की दिशा में मील का पत्थर है।
Author: जी. एम. मुक्तिबोध (G. M. Muktibodh)
Pages: 162
Edition: 1899
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